न डिग्री, न डिप्लोमा, फिर भी मरीजों का इलाज! छापामार कार्यवाही में मिली भारी मात्रा में मिली दवाइयां


छापामार कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में मचा हड़कंप, बीएमओ, तहसीलदार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो क्लिनिक किए सील


मोहनगढ़। क्षेत्र में बिना वैध डिग्री एवं आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को जतारा बीएमओ  संजय अहिरवार के नेतृत्व में तहसीलदार सावंत सिंह, कार्यपालक मजिस्ट्रेट अभय सिंह एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में संचालित मंझगुंवा और मढ़खेरा में क्लिनिकों पर छापा मार कार्रवाई की। जांच के दौरान कथित रूप से चिकित्सकीय डिग्री अथवा डिप्लोमा संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए, वहीं क्लिनिकों से भारी मात्रा में दवाइयां भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासनिक टीम की अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में बिना योग्यता के चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया। टीम ने क्लिनिकों में मौजूद दवाइयों, उपचार संबंधी सामग्री एवं दस्तावेजों की जांच की। आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर दोनों क्लिनिकों को सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
बताया गया कि लंबे समय से क्षेत्र में कुछ लोग बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार कर रहे थे। शिकायतों एवं जानकारी के आधार पर प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिकों की जांच की और नियमों का पालन नहीं मिलने पर कार्रवाई करते हुए दोनों क्लीनिको  को सील कर दिया।

BMO बोले आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई.

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य क्लिनिक संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना वैध योग्यता एवं अनुमति के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।
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